अजंता


Location :-  महाराष्ट्र राज्य के औरंगाबाद जिले में

(बागोरा या गरई नदी के किनारे

प्राचीन नाम -अजिस्ठा 

खोज- 1819 सर जॉन स्मिथ ने 

1924 लेफ्टिनेंट जनरल जेम्स ई एलेग्जेंडर ने

 no. of caves - 30

 चैत्य गुफा :-  (5) 9,10,19,26,29

विहार - 25 (इन्हें संघाराम भी कहा जाता है)

विषय - जातक कथाएं ,547 जातक कथाओं 

तकनीक - फ्रेस्कोबुनो ,फ्रेस्को सेकको

आकार - अर्द्ध चंद्राकार/घोड़े की नाल की तरह(सतपुड़ा पहाड़ी को काटकर)

निर्माण - सातवाहन,चालुक्य, वाकाटक, कुषाण ,गुप्त


➠ गुफा निर्माण में वाकाटक वंश

➠ चित्रो के निर्माण गुप्त वंश 

➠ 1,2,9,10,16,17 मे चित्र मिले 

समय - 9-10 वी गुफा 200 ई. पू

         16-17 वी गुफा 500 ईसवी

         1-2 गुफा 626 से 628 ईसवी(पहली गुफा सबसे बाद में चित्रित)

➠ लयात्मक रेखाओ का प्रयोग

➠ पूर्व से पश्चिम की ओर गुफाएं 

➠ अजन्ता शैली को 'गुप्त शैली' कहा--रायकृष्ण दास ने

➠ बौद्ध काल कहा---पर्सी ब्राउन ने

➠ अनुकृति बनाई-रॉबर्ट गिल ने 

➠ जॉन गिरिफ्थ ने,लेडी हरिघम नंदलाल बॉस,असित हालदार,समरेंद्र नाथ आदि

( प्रतिलिपियां क्रिस्टल पैलेस इग्लैंड में प्रदर्षित की गई थी 1866 में वहां आग लगने की वजह से  वो नष्ट हो गईं।)

3 प्रकार के चित्र बने - अलंकारिक-फूल,लता, पक्षी, अप्सरा 

रूपवैदिक - मरणासन्न राजकुमारी, बोधिसत्व आदि

वर्णात्मक -जातक कथाये

अजन्ता में 3 प्रकार की शैली - देव शेली------बिंबसार

2 यक्ष शैली-----अशोक

3 नाग शैली-----नागार्जुन 


गुफा न.9

➠ चैत्य गुफा है

➠ प्रसिद्ध चित्र-श्याम जातक,श्रवण कुमार की कथा, चरवाहे का दृश्य, आसीन नारी,नाग राजा,स्तूप जातक आदि

वृक्षों तथा फलो का अंकन 

➠ एक ठोस हर्मिक वाला पाषाण स्तूप 

➠ 23 खम्बे है

➠ बैठी स्त्री का चित्र सबसे  पुराना

➠ हीनयान ओर महायान के चित्र


गुफा 10

➠ चैत्य गुफा 

➠ सबसे प्राचीन गुफा

➠ गुफा के सामने सप्तकुण्ड है

➠ प्रवेश द्वार सबसे बड़ा

प्रमुख चित्र-----श्याम जातक,बोधि वृक्ष, हस्ति जातक,छदंत जातक,आम का ,विरह में व्याकुल रानी, नंद की कथा 


गुफा 16

➠ मध्य में सिथत

➠ वाकाटक राजा हरिसेन के मंत्री ने साधुओ के निवास हेतु बनवाई

➠ वाकाटक लेख प्राप्त हुआ है 

➠ गुफा के द्वार पर 2 हाथी उत्कीर्ण

प्रमुख चित्र :- मरणासन्न राजकुमारी,सुजाता की कथा,बुद्ध जन्मके सात पद, माया देवी का स्वपन,नंद की दीक्षा, बुद्ध का उपदेश ,महाउमग जातकबुद्ध का ग्रह त्याग


गुफा 17

➠ चित्रशाला कहा गया है

➠ हरिसेंके श्रद्धालु मंडलाधीश ने 

प्रमुख चित्र - सिंहलवादन, नलगिरी की कथा,मातृपोषक, हँस जातक,मार विजय,ब्राह्मण जातक,महा हंस जातक,सुतसोम जातक,महिष जातक,महाकपि जातक, श्रावस्ती का चमत्कार,म्रग जातक,हस्ति जातक


गुफा 2      

➠ विहार  गुफा

➠ नीले रंग का प्रयोग

प्रमुख चित्र - सर्वनाश, माया देवी का स्वपन, विदुर पंडित जातक,झूलती राजकुमारी,दो बाये अंगूठे वाली नारी,एक हजार बुद्ध, सुनहरे म्रग का उपदेश, इंद्रलोक,तुषित स्वर्ग में भोज तत्वपूर्णक इंद्र की प्रेम कथा,सहस्त्र बुद्ध


गुफा 1

➠ विहार गुफा

➠ 64 खम्भो की सहायता से गहराई तक खुदी है

➠ 14 कोठरिया

प्रमुख चित्र - पद्मपाणि अवलोकेस्वर, बोद्धिसत्व पद्मपाणी,काली राजकुमारी,नागराज की सभा,शिव जातक,नंद की दीक्षा,शंखपाल जातक,मार विजय,राजकीय शोभा यात्रा, लड़ते हुए बैल,राजसभा में विदेशी यात्रियों का स्वागत,साँप की तपस्या।

➠ गुफा संख्या 29 की छत सबसे ऊँची है 

➠ गुफा संख्या 8 की सबसे नीची

भगवान बुद्ध के जन्म को 7 कमल के फूल के रूप में दर्शाया है

अजन्ता के रंगीन चित्रो का का संग्रह--1954 में "painting of ajanta caves" के नाम से

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